मेहनत कभी बेकार नहीं जाती | inspirational story in hindi

रघु नाम का एक किसान था ,वह गाँव मे ही खेती कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहा था । रघु बहुत ही मेहनती इंसान था । वह अक्सर जिस काम को शरू करता था उसे अंत करके ही रुकता था ,चाहे परिणाम कुछ भी हो ।

वह इतना मेहनती था कि रघु जरूरत की हर वस्तु खुद से बनाता था और खाने के लिए खेत से अनाज उपजता था । उसकी जिंदगी अपने परिवार के साथ हँसी खुशी बीत रही थी ।

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एक बार उस गांव में बहुत भयंकर सुखद पड़ा ,इंसान तो इंसान जानवर को भी वह रहना मुश्किल हो रहा था ।
पीने के लिए पानी भी कही ना ही बची थी ,सारे तालाब नदियां सुख चयक़ी थी जिसके वजह से गांव की अधिकांश नागरिक गाँव छोड़कर चले गए थे। stories in hindi .
लेकिन रघु को अपना गाँव छोड़ कर जाना अच्छा नहीं लग रहा था। वह एक जगह पर बैठ कर इस संकट से बचने का उपाय सोच रहा था । तभी उसने एक जगह देखा – कई सारे पक्षियाँ एक घने जंगल से झुंड बनाकर आ रही थी । उसने उसी जगह रह कर पक्षियों को गौर करने लगा । उसने पाया अधिकांश पक्षियाँ उसी रास्ते से आ रही है और कुछ पक्षी उसी रास्ते से जंगल के अंदर जा रही हैं।

रघुने विचार किया जंगल के अंदर जरूर कोई ऐसी जगह है जहाँ पानी अभी भी बचा हो । और ये सभी पक्षियाँ पानी के लिए जा रहे हो और वहां से पानी पीकर आ रहे हो ।

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रघु ने भी उसी रास्ते से जाने का विचार किया औऱ लोगो को  भी तथा साथ चलने को अनुरोध किया लेकिन रघु की बात किसी ने नही मानी ।
इस बात से रघु ने हिम्मत नही हारी और अकेले ही जंगल की तरफ चलने लगा । कई घंटे बीतने के बाद भी रघु को कुछ हासिल नहीं हुआ ।
परन्तु रघु ये ठान लिया था, खाली हाथ वापस नही जानी है। वह जंगल की तरफ़ अकेला बढ़ता ही रहा ।
अब शाम होने वाली थी धीरे -धीरे अंधेरा छा रही थी, और रघु की भी हिम्मत हार रहा था । फिर भी वह किसी तरह हिम्मत कर चलता ही रहा और अंत मे वह उस जगह पहुंच ही गया जहाँ पर ये पक्षियाँ अपनी प्यास बुझाने जाया करते थे । motivation in hindi

जंगल के बीचो- बीच एक बहुत  ही बड़ा औऱ गहरा तालाब था ।जो पानी से भरी पड़ी थी । यह देख कर रघु बहुत खुश हुआ , और उसने पानी पीकर अपनी प्यास बुझायी और वापस अपने गाँव चला गया ।
गांव पहुँच कर सभी को उस तालाब के बारे में बताया ,यह जानकर सभी खुश हुआ और अब सभी अपनी प्यास बुझाने के लिए तालाब का इस्तेमाल करने लगा । सभी गांव वालो ने रघु की प्रयास और मेहनत का सराहना करने लगे ।

Moral –  दोस्तो अधिकतर इन्सान अपनी मंजिल के करीब आकर अपना रास्ता बदल लेता है या उस रास्ते को ही छोड़ देता हैं । – तो मैं यह कहना चाहता हूँ, आप जो भी करना चाहते है वो आप पूरी मेहनत दे करते रहे ,बीच मे कभी भी ना छोड़े । एक ना एक  दिन आप सफल जरूर होंगे ।क्योकि प्रयास और मेहनत कभी बेकार नही जाती।

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